पाठकों से निवेदन

इस ब्लोग पर तंत्र, मंत्र, ज्योतिष, वास्तु व अध्यातम के क्षेत्र की जानकारी निस्वार्थ भाव से मानव मात्र के कल्याण के उद्देश्य से दी जाती है तथा मैं कोई भी फीस या चन्दा स्वीकार नहीं करता हुं तथा न हीं दक्षिणा लेकर अनुष्ठान आदि करता हुं ब्लोग पर बताये सभी उपाय आप स्वंय करेगें तो ही लाभ होगा या आपका कोई निकट संबधी निस्वार्थ भाव से आपके लिये करे तो लाभ होगा।
साईं बाबा तथा रामकृष्ण परमहंस मेरे आदर्श है तथा ब्लोग लेखक सबका मालिक एक है के सिद्धान्त में दृढ़ विश्वास रखकर सभी धर्मों व सभी देवी देवताओं को मानता है।इसलिये इस ब्लोग पर सभी धर्मो में बताये गये उपाय दिये जाते हैं आप भी किसी भी देवी देवता को मानते हो उपाय जिस देवी देवता का बताया जावे उसको इसी भाव से करें कि जैसे पखां,बल्ब,फ्रिज अलग अलग कार्य करते हैं परन्तु सभी चलते बिजली की शक्ति से हैं इसी प्रकार इश्वर की शक्ति से संचालित किसी भी देवी देवता की भक्ति करना उसी शाश्वत निराकार उर्जा की भक्ति ही है।आपकी राय,सुझाव व प्रश्न सीधे mahesh2073@yahoo.comपर मेल कीये जा सकते है।

Saturday, September 9, 2017

नवरात्रा कलश स्थापना का मुर्हत, नवरात्रि में क्या पूजा करें, नवरात्रा व्रत में क्या खायें? शारदीय नवरात्रि 2017

इस वर्ष 21 सितम्बर 2017 से शारदीय नवरात्रा शुरू हो रहें हैं नौ दिन तक चलने वाले इस हिन्दू धर्म के महापर्व को हर हिन्दू को अवश्य मनाना चाहिये क्यों कि इससे आपको वर्ष भर तक शक्ति सौभाग्य आरोग्य व सुख समृद्धि प्राप्ति होती है। 
शारदीय नवरात्रि 2017 कलश स्थापना का मुर्हत:-
21 सितम्बर 2017 गुरूवार को प्रात 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक शुभ का चौघड़िया है इसमें घट स्थापना कर सकते हैं क्यों कि कुछ साधक प्रातः काल घट स्थापना होने तक कुछ भी खाते पीते नहीं है उनको प्रात काल के इस महुर्त में घट स्थापना कर लेनी चाहिये। 
 कुछ साधक अभिजीत मर्हंत में घट स्थापना करना चाहते हैं उनको दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 24 मिनट के बीच में घट स्थापना करनी होगी क्यों कि इस दिन 12 बजे से लेकर 1 बजकर 30 मिनट तक लाभ का चौघड़िया है जो लोग दुकानों व व्यापारिक प्रतिष्ठानों में घट स्थापना करना चाहते हैं उनके लिये भी लाभ के चौघड़िया में घट स्थापना करना उतम है। 
यहा स्पष्ट रहे कि अभिजित महुर्त 11 बजकर 36 मिनट से 12 बजकर 24 मिनट तक है व लाभ का चौघड़िया 12 बजे से लेकर 1 बजकर 30 मिनट तक माना गया है इसलिये 12 बजे से 12 बजकर 24 मिनट का समय ऐसा है कि उसमें लाभ का चौघड़िया एवम अभिजित मर्हुत दोनो ही है। 
नवरात्रि में क्या पूजा करेंः-
नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ पूर्ण विधि विधान से करना सबसे श्रेष्ठ पूजा है परन्तु जिन लोागें को सम्पूर्ण दुर्गा सप्तशती के 13 अध्यायों का पाठ करना मुश्किल जान पड़ता है तथा 13 अध्याय के साथ साथ उसके 6 अंगों का पाठ भी करना पड़ता है जो कवच अर्गला स्त्रोत व कीलक कहलाते हैं 
ये सब आजकल के व्यस्त जीवन में गृहस्थों को करना काफी मुश्किल लगता है उनके लिये मूर्ति रहस्य में स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि केवल मध्यम चरित्र अर्थात दुर्गा सप्तशती के अध्याय 2, 3 एंव 4 का पाठ कर लेने से ही समपूर्ण दुर्गा सप्तशती के पाठ के फल की प्राप्ति हो जाती है 

 अतः मेरी राय में आप दुर्गा सप्तशती के अध्याय 2, 3 व 4 का पाठ कर लेवें साथ में सिद्ध कुंजिका स्त्रोत पढ लेवें में स्वंय भी इतना ही करता हुं । आप गीता प्रेस गोरखपुर की दुर्गा सप्तशती हिन्दी व संस्कृत में इस लिंक से मुफत डाउनलोड कर सकते हैं:- 
जो साधक ओनलाईन दुर्गा सप्तशती मंगवाना चाहें वो गीता प्रोस गोरखपुर की छपी हुयी दुर्गा सप्तशती अमेजन के इस लिंक से मात्र 50 रूपये में ओनलाईन मगंवा सकते हैं:- 
दुर्गा सप्तशती का शापोद्धार व कीलक क्या हैः- 
कहते हैं कि सतयुग में दुर्गा सप्तशती के मन्त्र इतने जागृत व स्वयम सिद्ध थे कि इसका पाठ करने वाला कोई भी व्यक्ति अनेक सिद्धिया प्राप्त कर लेता था फिर उन सिद्धियों के दुरूपयोग से समाज में आतंक होने लगा तो महादेव जी ने इन मन्त्रों को कीलीत करने का श्राप दे दिया
जिससे अब वर्तमान समय में शापोद्धार व कीलक का प्रयोग करके ही दुर्गा सप्तशती का पाठ सफल किया जा सकता है जो लोग सम्पूर्ण दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं उसमें तो शापोद्धार व कीलक के मन्त्र विशेष है जो शुरू में ही पढने होते हैं पर जो पुरी दुर्गा सप्तशती नहीं करके केवल मध्यम चरित्र अर्थात दुसरा तीसरा व चौथा अध्याय ही करना चाहते हैं उनको शापोद्धार व कीलक करना है या नहीं? 

ये प्रश्न अक्सर देवी भक्तों के मन में रहता है। इसका समाधान दुर्गा सप्तशती के ही कीलक स्त्रोत में दिया है जिसके अनुसार भगवती का साधक कृष्ण पक्ष की अष्टमी या चतुर्दशी को भगवती की सेवा में अपना समस्त धन आदि समर्पित करते हुये मन ही मन भावना करे कि आज से मैने मेरा सब कुछ आपको समर्पित कर दिया है उसके बाद ऐसी धारणा करे कि मां कह रही है कि बेटा संसार यात्रा के निर्वाहण हेतु तुं मेरा ये धन प्रसाद बुद्धि से ग्रहण करके उचित रीती से व्यय कर उसके बाद अपना सब कुछ भगवाती को दिया हुआ मानकर प्रसाद बुद्धि से सदुपयोग करे तो इससे सप्तशती का शापोद्धार होता है। 
अर्थात आपको नवरात्रा प्रारंभ होने से दो दिन पहले जो कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी आती है उसमें पहले उक्त विधी से शापोद्धार करके फिर नवरात्रा में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना होगा । 
जो दुर्गा सप्तशती नहीं करना चाहते वे प्रतिदिन तीन माला नवार्ण मन्त्र की कर सकते हैं साथ में सिद्ध कुंजिका स्त्रोत पढ लेवें सही नवार्ण मन्त्र निम्न है इसके अन्त में नमो या नम नहीं लगता:-
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे 
 नवरात्रा व्रत में क्या खायें? :-
नवरात्रा व्रत में अनेक प्रकार से कर सकते हैं इसमें यदि एक समय केवल कच्चे फल व सलाद खाकर व्रत करें तो सबसे अच्छा होता है 
पर ये केवल कच्चे फल व सलाद खाकर व्रत नौकरीपेशा व्यक्ति व आजकल के गृहस्थी जो पहले से ही अनेक बीमारियों से घिरे हैं तथा जिनको कच्चा खाने की आदत नहीं है वे नहीं कर सकते या करने का प्रयास करते हैं तो उनको गैस एसिडीटी आदि बीमारियां हो सकती है 
इसलिये आप एक समय कच्चे फल सलाद आदि व दुसरे समय भोजन करके भी व्रत कर सकते हैं केवल भोजन में प्याज लहसून व मासांहार का प्रयोग नहीं करें। 
नवरात्रा पर भूखे मरने की आवश्यकता नहीं है आपके लिये प्रतिदिन आप अलग अलग सात्विक स्वादिष्ठ फलाहार कैसे तैयार कर सकते हैं इसकिे लिये कुछ विडियो का संकलन भी किया है आप यूटयूब पर विडियो देखकर आसानी से घर पर सात्विक फलाहार बनाकर भी व्रत कर सकते हैं प्रतिदिन अलग अलग फलाहार खाने के लिये निम्न यूटयूब के विडियो के लिंक से आप विडियो देख सकते हैंः- 
1. केवल दुध से बने स्वादिष्ठ राजभोग का विडियो:- 

2.फलाहारी डोसा व नारियल की चटनी बनाने का विडियोः- 

3.स्वादिष्ठ फलाहारी खिचड़ी बनाने का विडियोः- 

4. फलाहार के लिये स्वादिष्ठ मोमोज बनाने का विडियो:- 

5. दुध से बने स्वादिष्ठ फलाहारी रसगुल्ले का विडियो :-

6.फलाहारी स्वादिष्ठ दुधी या लौकी का हलवा बनाने का विडियोः- 

7. फलाहारी नारियल के लडडू बनाने का विडियोः- 

8.पाउडर के दुध से बने स्वादिष्ठ पेड़े का विडियो:- 

9.फलाहारी शयामक के पापड़ बनाने का विडियो- 

10. फलाहारी केसर बरफी बनाने का विडियोः- 
11.साीधे आलु से बगैर सुखाये कुरकुरे वैफर्स बनाने की विधी का विडीयोः-


सााधना में आपकी प्रगति के सूचक:- 
हम नवरात्रा व्रत पूरी श्रद्धा और भक्ति व प्रेम से करते हैं तो हमें भी ये जाानने का हक रहता है कि क्या हमारी भक्ति फलीभूत हो रही है क्या माता हमारी पूजा ग्रहण कर रही है?
 इसके लिये निम्न सूचक अपनायें याद रखें ये सूचक परीक्षा के रूप में नहीं अपनाने हैं आप माता को प्रार्थना करें ये आपकी या मेरी भक्ति की परीक्षा नहीं है केवल मेरे श्रद्धा व विश्वास को बढाने व मेरे मन में और ज्यादा भक्ति जगाने का प्रयास है इसमें आप कृपया भक्ति की परीक्षा नहीं माने क्यों कि जिसने हमें बनाया है हम ना तो उसकी परीक्षा ले सकते ना हि हम उनको कोई परीक्षा दे सकते हैं इसलिये यहां जो सकेंत बताये गये हैं वो आपके साथ हो तो आप रोमांचित महसूस करकें अपनी भक्ति को और बढायें
तथा  तथा नहीं हो तो भी आप निराश नहीं हो इसे अपनी साधना की असफलता नहीं माने तथा माता से प्रार्थना करें कि वो आपके मन का अधंकार आपके अन्दर के तमोगुण दुर करके आपकी भक्ति व प्रेम को जगा देवे जिससे आपको इन सकेंतों का अनुभव मिल सके। 
1. आप कच्चा नारियल छिल कर माता की चौकी पर भेंट स्वरूप रखें तथा यदि नारियल अपने आप चिटक जाये अथा्रत उसमें दरार आ जाये तो समझें माता ने आपकी प्रेमपूर्वक की गयी भेंट को स्वयं स्वाकार कर लिया है। 

2.आप पंचमेवा का प्रसाद चढायें तथा प्रसाद में कुमकुम दिखायी दे तो इसे माता द्वारा प्रसाद ग्रहण करने का सूचक माने। 

3.आप नवरात्रा पर कलश स्थापना करते समय गेहूं या जौ के ज्वारे उगायें इनमें यदि सफेद रंग का ज्वारा उगे तो इसे माता की कृपा का प्रतिक जाने।

4. यदि ज्वारों की लम्बाई कलश पर रखे नारियल से भी ज्यादा हो जाये तो भी इसे माता की कृपा व आपके प्रति प्रेम का सूचक मानें। 

5.यदि आपको स्वपन में माता से संबधित अलौकिक अनुभव हो तो उसे भी अपने उपर कृपा मानें। 
6. यदि कुछ भी अनुभव नहीं हो तथा उपर लिखे सकेंत में से कोई सकेंत नहीं हो तो भी आाखें बंद करके अपने आप को माता के प्रेम से सरोबार करके निवेदन करें कि माता मुझे कोई सकेंत नहीं देकर आपने मुझे अवसर दिया है कि मैं मेरी भक्ति को और भी बढाउं मैं मेरे तमोगुण को ओर भी कम करके आपके प्रति ओर ज्यादा श्रद्धा रखूं ऐसा आपने मुझे आदेश दिया है। 
सोशल मिडीया व्यापिनी भक्ति:- 
भक्ति का ये नया रूप व नया नाम मैने स्पेशल आपके लिये दिया है आप इस पोस्ट को मन में माता को भक्तिपूर्वक याद करके सोशल मिडीया पर शेयर करेगें तथा इस जानकारी से किसी को लाभ पहुंचेगा तो आपको सोशल मिडीया व्यापिनी भक्ति का लाभ मिलेगा इससे आपको क्या फायदा होगा ये सिर्फ अनुभव करने की बात है। 
इसलिये ज्यादा से ज्यादा लोागों तक शेयर करके उनको नवरात्रा के बारे में जागरूक करें तथा आप भी सोशल मिडीया व्यापिनी भक्ति का लाभ लेवें।
अपनी शंका का समाधान कैसे करेंः- 
 आप निम्न लिंक पर कमेंटस में अपने प्रश्न पुछकर अपनी शंका का समाधान कर सकते हैं यदृपि लेखक के द्वारा सभी कमेंटस का जबाब देने का पूरा प्रयास किया जायेगा पर संभव है कि ज्यादा कमेंटस आ जाने पर या लेखक के अत्यधिक व्यस्त होने पर आपको जबाब ना भी मिले।

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