पाठकों से निवेदन

इस ब्लोग पर तंत्र, मंत्र, ज्योतिष, वास्तु व अध्यातम के क्षेत्र की जानकारी निस्वार्थ भाव से मानव मात्र के कल्याण के उद्देश्य से दी जाती है तथा मैं कोई भी फीस या चन्दा स्वीकार नहीं करता हुं तथा न हीं दक्षिणा लेकर अनुष्ठान आदि करता हुं ब्लोग पर बताये सभी उपाय आप स्वंय करेगें तो ही लाभ होगा या आपका कोई निकट संबधी निस्वार्थ भाव से आपके लिये करे तो लाभ होगा।
साईं बाबा तथा रामकृष्ण परमहंस मेरे आदर्श है तथा ब्लोग लेखक सबका मालिक एक है के सिद्धान्त में दृढ़ विश्वास रखकर सभी धर्मों व सभी देवी देवताओं को मानता है।इसलिये इस ब्लोग पर सभी धर्मो में बताये गये उपाय दिये जाते हैं आप भी किसी भी देवी देवता को मानते हो उपाय जिस देवी देवता का बताया जावे उसको इसी भाव से करें कि जैसे पखां,बल्ब,फ्रिज अलग अलग कार्य करते हैं परन्तु सभी चलते बिजली की शक्ति से हैं इसी प्रकार इश्वर की शक्ति से संचालित किसी भी देवी देवता की भक्ति करना उसी शाश्वत निराकार उर्जा की भक्ति ही है।आपकी राय,सुझाव व प्रश्न सीधे mckaushik00@yahoo.co.in (read 00 as zero zero) पर मेल कीये जा सकते है।

Monday, August 22, 2016

लाल किताब के अनुसार सूर्य ग्रह लग्न (खाना नं. 1 में) होने का फलादेश


प्रिय पाठको, 
            नमस्कार यह इस श्रखंला का पांचवा आलोख है यदि आप प्रथम बार इस ब्लोग पर आये है तो लाल किताब से ज्योतिष सीखने के लिए कृपया इसको प्रथम भाग से पढना प्रारंभ करें । पूर्व में प्रकाशित तीन भागों के लिंक नीचे दिये जा रहे हैः-
     इस भाग में हम लग्न में ‘‘सूर्य’’ हो तो क्या फलादेश होता है उस पर प्रकाश डालेगे - 
लग्न में सूर्य वाला  राजा की भांति उच्च अफसर होगा ।(यहाॅ यह जानना रोचक होगा कि मेरे एक मित्र श्री रामस्वरूप पारीक जब सामान्य अध्यापक थे तब लाल किताब के इस फलादेश को सुनकर हसें थे परन्तु आज जब उनकी उम्र लगभग 44 वर्ष है तब उनका प्रिन्सिपल (प्रधानाचार्य) में प्रमोशन हो चुका है तथा अभी 16 वर्ष की नोकरी में वो कहा तक जायेगे कहना मुश्किल है 
अतः लाल किताब के इस कथन को हमेशा याद रखें इसके फलादेश में कोई दोष नही होगा यदि दोष होगा तो आपके गणित या आपकी समझ में होगा अर्थात या तो आपकी जन्म पत्रिका गलत बनी होगी या आपने अर्थ सही समझा नही होगा मान लिजिये आप अफसर नही है तो तो आप ‘‘राजा की भांति’’ तो है तथा आपके अधीनस्थो के लिए ‘‘अफसर’’ भी है या आप आज ऐसे उच्च पद पर नहीं है तो उम्र के आगामी दौर में ऐसे उच्च पद पर जा सकते हैं।
ऐसा व्यक्ति शराब पीने से दूर ही रहता है अर्थात शराबी नही बनता तथा धर्म कर्म में रूचि रखता है प्याउ खुलवाना, धर्मशाला बनवाना, मंदिर बनवाना आदि धार्मिक संस्थाओं व समाज सेवा के कार्यो में खासकर प्याउ, कुआ खुदवाना आदि कार्यो में सहायता देने वाला होता है ।
ऐसा व्यक्ति पिता की आखरी आयु तक सेवा करता है ।
ऐसे जातक को अमूमन उसकी पैतृक सम्पति से धन नहीं मिलता या पिता की सम्पति में  अधिकार से कम हिस्सा मिलता है परन्तु ऐसा जातक उपने पुत्र के लिए धन अवश्य छोड़ता है ।
लग्न में सूर्य वाले जातक का जो बुरा (अहित) करने का प्रयास करता है उसका खुद का ही बुरा हो जाता है ।
ऐसा जातक गरीब की सहायता करने को हरदम तैयार रहता है ।
लग्न में सूर्य वाले के शरीर में सांप जैसा गुस्सा होता है (मतलब छेडने पर सांप जैसे फुकारता है वैसे छेडने पर ऐसा जातक गुस्सा करता है बगैर छेडे नहीं करता)
अपने मेहनत के बल पर स्वयं बना अमीर होगा ।
माता पिता व स्वयं की आयु लम्बी होगी (परन्तु सूर्य नं. 1 व शुक्र 7 होतो पिता की आयु लम्बी होने की शर्त नहीं है )
सरकारी सेवा से या सरकारी स्त्रोतो से धन मिलेगा धन कमाने में सफर भी जादा होगा ।
इमानदारी का धन ऐसे जातक को फलता रहता है व बरकत देता है ।
अपनी आखों पर निश्चय करता है परन्तु कानों पर ऐतबार नहीं करता 
यदि सुर्य पहले स्थान में व शुक्र 7 वे स्थान में हो तो ऐसे जातक के पिता उसके बचपन में ही गुजर सकते है व उसकी स्त्री की सेहत मंदी तथा यदि सूर्य 1 शुक्र 7 नं. वाला जातक दिन में स्त्री सहवास करता हो तो स्त्री को तयेदिक (टी.बी.) हो सकती है ।
सुर्य नं. 1 व मगंल नं. 5 हो तो लड़के पैदा हो होकर मरते रहते है या गंभीर बीमारी से ग्रस्त रहते है कृप्या ध्यान रखे मगंल नं. 5 में हो तो ही ये बिन्दु लागु होगा ।
सुर्य नं. 1 व शनि नं. 8 हो तो स्त्री (पत्नी) बार-2 शादिया करने पर भी मरती रहती है या स्त्री बिमार रहती है (उपाय दिन में सहवास न करें). 
उपर पढे हुए दो बिन्दुओं से घबराए नहीं इनका उपाय है -
1. दिन में स्त्री सहवास न करें ।
2. पैतृक मकान में हैण्डपम्प (बोरवेल) खुदवाए 
3. पुत्र के स्वास्थय का ध्यान रखे व मगंल नं. 5 वालों के लिऐ अलग से जो उपाय बताए जावें (आगामी भागो में) उनका ध्यान रखें ।
अगले भाग में लग्न में ‘‘शुक्र’’ होने पर प्रकाश डाला जायेगा ।
     यह श्रखला आपको कैसी लग रही है तथा जन्म पत्रिका व जीवन से इसका किस हद तक मिलान हो रहा है कृप्या कमेटं में अवशय दर्ज करें ताकि पाठकों को लाल किताब ज्योतिष की सत्यता के बारे में जानकारी मिल सके ।
     आपके कमेटं मुझे अगले भाग को शीध्र तैयार करने के लिये भी प्रोत्साहित करेगें साथ ही आप कमेटं में किस ग्रह से सबंधित फलादेश पहले चाहते हैं वो भी लिखें ।

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